12 Jyotirlinga sacred Shiva shrines of India

द्वादश ज्योतिर्लिंग

१२ ज्योतिर्लिंग

वे बारह स्वयंभू ज्योति-स्तम्भ जहाँ भगवान शिव ने अपना अनन्त स्वरूप प्रकट किया — भारत के सर्वाधिक पवित्र शिव तीर्थ।

१२
ज्योतिर्लिंग
राज्य
२ करोड़+
वार्षिक तीर्थयात्री
ॐ नमः शिवाय

ब्रह्माण्डीय प्रकाश के स्तम्भ

ज्योतिर्लिंग — 'ज्योति' अर्थात प्रकाश और 'लिंग' अर्थात स्वरूप — वे बारह पवित्र स्थान हैं जहाँ भगवान शिव ने ब्रह्मा और विष्णु के विवाद को शान्त करने के लिए अनन्त ज्योति-स्तम्भ के रूप में प्रकट हुए। प्रत्येक स्थान पर एक स्वयंभू लिंग है जो अपार आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण है।

गुजरात से तमिलनाडु और उत्तराखण्ड से आन्ध्र प्रदेश तक नौ राज्यों में फैले इन बारह ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करने से भक्त जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाते हैं — ऐसी मान्यता है।

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। उज्जयिन्यां महाकालमोंकारममलेश्वरम्॥

सौराष्ट्र में सोमनाथ, श्रीशैल में मल्लिकार्जुन, उज्जयिनी में महाकाल, ओंकार में अमलेश्वर...

Somnath Jyotirlinga temple
01
गुजरात

सोमनाथ

Somnath

सोमनाथ (चन्द्रमा के स्वामी)

प्रथम और सर्वप्रमुख ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ को बारह बार नष्ट किया गया और पुनर्निर्मित किया गया। यह पश्चिमी तट पर स्थित है जहाँ अरब सागर पवित्र भूमि से मिलता है। माना जाता है कि इसे मूलतः स्वयं चन्द्रदेव ने बनवाया था।

दर्शन समय

प्रातः ६:०० – रात्रि ९:३० (आरती: प्रातः ७, दोपहर १२, सायं ७ बजे)

उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

स्थान

प्रभास पाटन, वेरावल, गुजरात

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: दीव (६३ कि.मी.) या राजकोट (१९६ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: वेरावल (६ कि.मी.)। सड़क मार्ग: NH-51 से सुगम।

विशेष पूजा: भस्म आरती, श्रृंगार आरती, शयन आरती
मल्लिकार्जुन Jyotirlinga temple
02
आन्ध्र प्रदेश

मल्लिकार्जुन

मल्लिकार्जुन

मल्लिकार्जुन एवं भ्रमराम्बा

नल्लमला पहाड़ियों की चोटी पर कृष्णा नदी के तट पर स्थित श्रीशैलम एक दुर्लभ द्विशक्ति तीर्थ है — यह एक साथ ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ दोनों है। यहाँ की अधिष्ठात्री देवी भ्रमराम्बा १८ महाशक्तिपीठों में से एक हैं।

दर्शन समय

प्रातः ५:३० – रात्रि १०:००

उत्तम समय

अक्टूबर से फरवरी

स्थान

श्रीशैलम, आन्ध्र प्रदेश

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: हैदराबाद (२१२ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: मार्कापुर रोड (८५ कि.मी.)। सड़क मार्ग: NH-765 हैदराबाद होते हुए।

विशेष पूजा: अभिषेकम, कुमकुमार्चना, सहस्रनाम अर्चना
महाकालेश्वर Jyotirlinga temple
03
मध्य प्रदेश

महाकालेश्वर

महाकालेश्वर

महाकाल (काल के स्वामी)

एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग, महाकालेश्वर उज्जैन के अधिष्ठाता देव हैं — उज्जैन भारत की सात पवित्र नगरियों में से एक है। भोर में पवित्र भस्म से की जाने वाली प्रसिद्ध भस्म आरती हिन्दू धर्म के सर्वाधिक शक्तिशाली अनुष्ठानों में से एक है।

दर्शन समय

प्रातः ४:०० – रात्रि ११:०० (भस्म आरती: प्रातः ४ बजे)

उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

स्थान

उज्जैन, मध्य प्रदेश

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: इन्दौर (५५ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: उज्जैन जंक्शन (२ कि.मी.)। सड़क मार्ग: इन्दौर से NH-52।

विशेष पूजा: भस्म आरती (ब्राह्ममुहूर्त), नैवेद्य, श्रृंगार पूजा
ओंकारेश्वर Jyotirlinga temple
04
मध्य प्रदेश

ओंकारेश्वर

ओंकारेश्वर

ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर

नर्मदा नदी में ॐ के आकार के पवित्र द्वीप पर स्थित ओंकारेश्वर में दो ज्योतिर्लिंग हैं — ओंकारेश्वर और ममलेश्वर — जो नदी के दोनों तटों पर विराजमान हैं। यह द्वीप स्वयं दिव्य अक्षर ॐ का साकार रूप माना जाता है।

दर्शन समय

प्रातः ५:०० – रात्रि १०:००

उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

स्थान

मान्धाता द्वीप, मध्य प्रदेश

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: इन्दौर (७७ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: ओंकारेश्वर रोड (१२ कि.मी.)। सड़क मार्ग: इन्दौर से NH-52 मोरटक्का होते हुए।

विशेष पूजा: पञ्चामृत अभिषेक, रुद्राभिषेक, नर्मदा आरती
केदारनाथ Jyotirlinga temple
05
उत्तराखण्ड

केदारनाथ

केदारनाथ

केदारनाथ (वृषभ का कूबड़)

गढ़वाल हिमालय में ३,५८३ मीटर की ऊँचाई पर स्थित केदारनाथ सर्वोच्च ज्योतिर्लिंग है और सबसे कठिन तीर्थयात्राओं में से एक है। यहाँ का लिंग त्रिकोणाकार कूबड़ के रूप में है — जो नन्दी (शिव के वाहन) की पीठ मानी जाती है। यह पञ्चकेदार सर्किट का भाग है।

दर्शन समय

प्रातः ४:०० – रात्रि ९:०० (केवल मई–नवम्बर)

उत्तम समय

मई–जून, सितम्बर–नवम्बर

स्थान

रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: जॉली ग्रान्ट, देहरादून (२३८ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: हरिद्वार (२४७ कि.मी.)। पैदल मार्ग: गौरीकुण्ड से १६ कि.मी. (हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध)।

विशेष पूजा: रुद्राभिषेक, पञ्चामृत अभिषेक, केदारनाथ आरती
भीमाशंकर Jyotirlinga temple
06
महाराष्ट्र

भीमाशंकर

भीमाशंकर

भीमाशंकर (भीम राक्षस के संहारक)

सह्याद्रि पर्वतमाला में स्थित भीमाशंकर भीमा नदी का उद्गम स्थल है। मन्दिर के चारों ओर वन्यजीव अभयारण्य और घना वन है। मान्यता है कि भगवान शिव ने यहाँ त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था और उनके शरीर से निकले स्वेद से भीमा नदी का जन्म हुआ।

दर्शन समय

प्रातः ५:०० – रात्रि ९:३०

उत्तम समय

अक्टूबर से फरवरी

स्थान

पुणे जिला, महाराष्ट्र

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: पुणे (११० कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: पुणे जंक्शन (११० कि.मी.)। सड़क मार्ग: खेड या राजगुरुनगर होते हुए।

विशेष पूजा: पञ्चामृत अभिषेक, रुद्राभिषेक, महाआरती
काशी विश्वनाथ Jyotirlinga temple
07
उत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ

काशी विश्वनाथ

विश्वनाथ (ब्रह्माण्ड के स्वामी)

सर्वाधिक पूजनीय ज्योतिर्लिंग, काशी विश्वनाथ वाराणसी में विराजमान हैं — वह शाश्वत नगरी जिसे स्वयं भगवान शिव अपने त्रिशूल पर धारण करते हैं। कहा जाता है कि काशी में मृत्यु को प्राप्त होने वाले को शिव स्वयं तारक मन्त्र देते हैं जिससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। नया काशी विश्वनाथ कॉरिडोर २०२१ में खुला।

दर्शन समय

प्रातः ३:०० – रात्रि ११:०० (मंगला आरती: प्रातः ३ बजे)

उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

स्थान

वाराणसी, उत्तर प्रदेश

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: लाल बहादुर शास्त्री, वाराणसी (२६ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: वाराणसी जंक्शन (६ कि.मी.)। सड़क मार्ग: NH-19 से सुगम।

विशेष पूजा: मंगला आरती, भोग आरती, सप्तऋषि आरती, श्रृंगार आरती
त्र्यंबकेश्वर Jyotirlinga temple
08
महाराष्ट्र

त्र्यंबकेश्वर

त्र्यंबकेश्वर

त्र्यंबकेश्वर (त्रिनेत्र स्वामी)

पवित्र गोदावरी नदी के उद्गम स्थल पर स्थित त्र्यंबकेश्वर अद्वितीय है — यहाँ का ज्योतिर्लिंग तीन मुखों वाला है जो ब्रह्मा, विष्णु और शिव का प्रतिनिधित्व करता है। नासिक-त्र्यंबक में प्रत्येक १२ वर्ष में आयोजित कुम्भ मेला पृथ्वी पर सबसे बड़े धार्मिक समागमों में से एक है।

दर्शन समय

प्रातः ५:३० – रात्रि ९:००

उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

स्थान

त्र्यंबक, नासिक, महाराष्ट्र

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: नासिक (२८ कि.मी.) या मुम्बई (१७० कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: नासिक रोड (२८ कि.मी.)। सड़क मार्ग: नासिक से NH-60।

विशेष पूजा: रुद्राभिषेक, लघु रुद्र, महारुद्र
वैद्यनाथ Jyotirlinga temple
09
झारखण्ड

वैद्यनाथ

वैद्यनाथ

वैद्यनाथ (दिव्य वैद्य)

बैद्यनाथ धाम के नाम से भी प्रसिद्ध, यह ५१ शक्तिपीठों में से एक होने के साथ-साथ ज्योतिर्लिंग भी है। भगवान शिव यहाँ दिव्य वैद्य के रूप में पूजे जाते हैं जो सभी रोगों को हरते हैं। श्रावणी मेले में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु सुल्तानगंज से पैदल गंगाजल लेकर आते हैं।

दर्शन समय

प्रातः ४:०० – रात्रि ९:३०

उत्तम समय

जुलाई–अगस्त (श्रावणी मेला), अक्टूबर से मार्च

स्थान

देवघर, झारखण्ड

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: राँची (२५० कि.मी.) या पटना (२८० कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: जसीडीह जंक्शन (७ कि.मी.)। सड़क मार्ग: NH-114A।

विशेष पूजा: जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, श्रावणी मेला पूजा
नागेश्वर Jyotirlinga temple
10
गुजरात

नागेश्वर

नागेश्वर

नागेश्वर (नागों के स्वामी)

सौराष्ट्र तट पर द्वारका के निकट स्थित नागेश्वर वह स्थान है जहाँ भगवान शिव ने अपने भक्त सुप्रिया को दारुक राक्षस से बचाया था। ध्यानमग्न मुद्रा में भगवान शिव की विशाल २५ मीटर ऊँची प्रतिमा किसी भी ज्योतिर्लिंग के सबसे प्रभावशाली दृश्यों में से एक है।

दर्शन समय

प्रातः ६:०० – रात्रि ९:००

उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

स्थान

द्वारका, गुजरात

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: जामनगर (१३७ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: द्वारका (१७ कि.मी.)। सड़क मार्ग: द्वारका से तटीय मार्ग।

विशेष पूजा: रुद्राभिषेक, पञ्चामृत अभिषेक, नागेश्वर आरती
रामेश्वरम् Jyotirlinga temple
11
तमिलनाडु

रामेश्वरम्

रामेश्वरम्

रामनाथस्वामी (राम द्वारा पूजित शिव)

जहाँ भगवान राम ने सीता को मुक्त कराने के लिए लंका जाने से पूर्व शिवलिंग की स्थापना की थी। इस मन्दिर में भारत के किसी भी हिन्दू मन्दिर का सबसे लम्बा गलियारा (१,२०० मीटर) और २२ पवित्र तीर्थम हैं। यह ज्योतिर्लिंग और चारधाम दोनों है।

दर्शन समय

प्रातः ५:०० – दोपहर १:०० एवं अपराह्न ३:०० – रात्रि ९:००

उत्तम समय

अक्टूबर से अप्रैल

स्थान

रामेश्वरम, तमिलनाडु

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: मदुरई (१७४ कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: रामेश्वरम (१ कि.मी.)। सड़क मार्ग: पम्बन पुल होते हुए NH-87।

विशेष पूजा: तिरुवनन्दल, उच्चि काल पूजा, अर्थमण्डपम पूजा
घृष्णेश्वर Jyotirlinga temple
12
महाराष्ट्र

घृष्णेश्वर

घृष्णेश्वर

घृष्णेश्वर (करुणा के स्वामी)

बारहवें और अन्तिम ज्योतिर्लिंग, घृष्णेश्वर यूनेस्को विश्व धरोहर एलोरा गुफाओं के निकट स्थित हैं। मन्दिर का पुनर्निर्माण १८वीं शताब्दी में अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। अधिष्ठाता देव को घुश्मेश्वर भी कहते हैं — यह नाम भक्त घुश्मा के नाम पर है जिनके पुत्र को यहाँ जीवनदान मिला था।

दर्शन समय

प्रातः ५:३० – रात्रि ९:३०

उत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

स्थान

वेरुल, औरंगाबाद, महाराष्ट्र

कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: औरंगाबाद (३० कि.मी.)। निकटतम रेलवे स्टेशन: औरंगाबाद (३० कि.मी.)। सड़क मार्ग: औरंगाबाद–एलोरा मार्ग पर एलोरा गुफाओं के निकट।

विशेष पूजा: पञ्चामृत अभिषेक, रुद्राभिषेक, महाआरती

ज्योतिर्लिंग यात्रा की योजना

01

सुझाया गया मार्ग

सोमनाथ (गुजरात) से प्रारम्भ करें, फिर नागेश्वर, त्र्यंबकेश्वर और भीमाशंकर (महाराष्ट्र), घृष्णेश्वर, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर (म.प्र.), वैद्यनाथ (झारखण्ड), काशी विश्वनाथ (उ.प्र.), केदारनाथ (उत्तराखण्ड), मल्लिकार्जुन (आ.प्र.) और अन्त में रामेश्वरम (तमिलनाडु)।

02

अवधि

सभी १२ ज्योतिर्लिंगों को कवर करने वाली सम्पूर्ण यात्रा में सड़क और रेल मार्ग से २०–३० दिन लगते हैं। केदारनाथ केवल मई–नवम्बर में खुलता है; शेष यात्रा की योजना इसी के अनुसार बनाएँ।

03

पवित्र समय

सोमवार, महाशिवरात्रि और श्रावण मास किसी भी ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए सर्वाधिक शुभ समय हैं। भारी भीड़ की सम्भावना रहती है — आवास पहले से बुक करें।

अन्य पवित्र तीर्थ परिक्रमाएँ

चारधाम, ५१ शक्तिपीठ और १०८ दिव्य देसम — भारत का सम्पूर्ण तीर्थ-मानचित्र।